कोंडागांव।
ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों में रहने वाले लोगों के लिए आवागमन को आसान और सुलभ बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार की मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना एक अहम कड़ी साबित हो रही है। इसी कड़ी में सोमवार को कोंडागांव जिले में इस योजना के तहत एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।

जिला कार्यालय परिसर से नगरपालिका अध्यक्ष श्री नरपति पटेल एवं कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना ने संयुक्त रूप से तीन नई बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही अब कोंडागांव जिले में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के अंतर्गत कुल सात बसों का नियमित संचालन प्रारंभ हो गया है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत आम नागरिकों, किसानों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों एवं छात्र-छात्राओं को जनपद मुख्यालय और जिला मुख्यालय तक सुरक्षित, नियमित एवं किफायती परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है। लंबे समय से परिवहन की समस्या झेल रहे दूरस्थ गांवों के लोगों के लिए यह योजना राहत लेकर आई है।
पूर्व में जिले में कोंडागांव–मर्दापाल, बहीगांव–विश्रामपुरी, कमेला एवं कोंडागांव मार्ग पर बस सेवाएं प्रारंभ की जा चुकी थीं। वहीं अब 23 फरवरी से तीन नए मार्ग—कोनगुड़–फरसगांव, भैंसाबेड़ा–केशकाल तथा कनपुर–कोंडागांव पर भी बसों का संचालन शुरू कर दिया गया है।

इन सात बसों के माध्यम से जिले के कुल 96 गांवों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा। इससे न केवल ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामों, इलाज, शिक्षा और व्यापार के लिए आवागमन में सुविधा होगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
इस अवसर पर अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना सरकार की उस सोच का प्रतीक है, जिसमें विकास की मुख्यधारा से दूर खड़े अंतिम व्यक्ति तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना प्राथमिकता है। योजना के सफल संचालन से ग्रामीण इलाकों में सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को नया बल मिलेगा।
ग्रामीणों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि बस सेवा शुरू होने से अब उन्हें निजी साधनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और समय व पैसे दोनों की बचत होगी।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना कोंडागांव जिले के लिए एक परिवर्तनकारी कदम साबित हो रही है, जो ग्रामीण जीवन को सुगम, सुरक्षित और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।












