ढोंडरा। दोरला जनजाति को अनुसूचित जनजाति में शामिल किए जाने की खुशी में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी दोरला समाज द्वारा स्थापना दिवस कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी की गई थी। हालांकि, कार्यक्रम से पहले बाढ़ के पानी ने पूरे मार्ग को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। इसके चलते निर्धारित कार्यक्रम बड़े स्तर पर आयोजित नहीं हो सका और केवल ध्वजारोहण कर स्थापना दिवस मनाया गया।
इसके बाद दोरला समुदाय भवन ढोंडरा में समाज के पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्थापना दिवस कार्यक्रम को पुनः बड़े स्तर पर आयोजित करने को लेकर चर्चा की गई। पदाधिकारियों ने आगामी 18 अक्टूबर को हर्षोल्लास के साथ सामाजिक सम्मेलन एवं स्थापना दिवस कार्यक्रम आयोजित करने पर सहमति जताई।
कार्यक्रम में कोया-दोरला संगीत, आदिवासी परंपरागत वेशभूषा और पारंपरिक नृत्य सहित विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित करने की बात कही गई। साथ ही सामाजिक एकता और समाज की परंपराओं को आगे बढ़ाने को लेकर भी चर्चा की गई।
बैठक में कट्टम सीताराम, संभागीय संरक्षक दोरला समाज; सेमल नरेश, जिला उपाध्यक्ष; आस मुकेश, दोरला समाज ब्लॉक अध्यक्ष; मड़कम कन्ना, ब्लॉक सचिव; बोड़ू नरेश, जिला मीडिया प्रभारी; तथा युवा प्रभाग उपाध्यक्ष मड़कम मुकेश सहित समाज के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
पदाधिकारियों ने कहा कि बाढ़ के कारण इस बार कार्यक्रम सीमित रूप से आयोजित किया गया, लेकिन 18 अक्टूबर को दोरला समुदाय भवन ढोंडरा में स्थापना दिवस एवं सामाजिक सम्मेलन का भव्य आयोजन किया जाएगा।



