सुकमा। बस्तर अंचल को हिंसा से मुक्ति दिलाकर विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने सुकमा जिले के अति संवेदनशील क्षेत्र जगरगुंडा में स्पष्ट शब्दों में कहा कि बंदूक नहीं, बल्कि विकास ही बस्तर का भविष्य तय करेगा।
उपमुख्यमंत्री ने ‘नियद नेल्ला नार’ योजना की समीक्षा बैठक के दौरान बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि जो ग्राम पंचायतें अपने सभी भटके हुए युवाओं को मुख्यधारा में वापस लाकर स्वयं को ‘सशस्त्र नक्सल हिंसा मुक्त’ घोषित करेंगी, उन्हें इलवद पंचायत योजना के अंतर्गत 1 करोड़ रुपये की अतिरिक्त विकास राशि प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही संबंधित जनपद पंचायत सदस्य को 10 लाख रुपये और जिला पंचायत सदस्य को 15 लाख रुपये की अतिरिक्त विकास निधि दी जाएगी।
बैठक में पारंपरिक समाज प्रमुखों—गायता, सिरहा, पुजारी, बैगा तथा जनप्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए श्री शर्मा ने कहा कि यह राशि गांवों के बुनियादी ढांचे, आजीविका, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास में सीधे उपयोग की जाएगी।

सुरक्षा कैंप अब विकास केंद्र
डिप्टी सीएम ने कहा कि अब सुरक्षा कैंप केवल नक्सल गतिविधियों पर नियंत्रण का माध्यम नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने वाले ‘सुविधा केंद्र’ बन चुके हैं। उन्होंने समाज प्रमुखों से अपील की कि वे जंगलों में भटक रहे युवाओं को पुनर्वास नीति का लाभ उठाने और समाज की मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित करें।

गांवों में बन रहा नया विकास मॉडल
श्री शर्मा ने बताया कि बस्तर के गांवों में अब केवल वनोपज संग्रहण नहीं होगा, बल्कि प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित कर ग्रामीणों को उत्पादक और व्यवसायी बनाया जा रहा है, जिससे उन्हें स्थानीय स्तर पर ही रोजगार मिलेगा।

योजनाओं का जमीनी असर
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत प्रत्यक्ष लाभ वितरण भी किया गया—
कृषि एवं उद्यानिकी
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किसानों को उन्नत मूंग एवं उड़द के बीज वितरित किए गए
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50 किसानों को टमाटर व बैंगन के उन्नत पौधे दिए गए
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17 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) प्रदान किए गए

स्वास्थ्य सेवाएं
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‘नियद नेल्ला नार’ योजना के तहत सिलगेर, कोंडासावली एवं तिमापुरम जैसे दुर्गम क्षेत्रों के 40 मोतियाबिंद मरीजों को विशेष बस से जिला अस्पताल भेजा गया
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उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पीएचसी बुरड़ी, गगनपल्ली और किस्टाराम को NQAS प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया
उपमुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि हिंसा कभी विकास का मार्ग नहीं बन सकती। सरकार का लक्ष्य है कि बस्तर के हर पात्र व्यक्ति तक शासन की योजनाएं पूरी तरह पहुंचे।
कार्यक्रम की समाप्ति जिला पंचायत सीईओ श्री मुकुन्द ठाकुर द्वारा उपमुख्यमंत्री की अनुमति से की गई।
इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष कोंटा श्रीमती कुसुमलता कोवासी, नगर पालिका परिषद सुकमा अध्यक्ष श्री हुंगाराम मरकाम, नगर पंचायत दोरनापाल अध्यक्ष श्रीमती राधा नायक, एडीजी श्री विवेकानंद सिन्हा, आईजी श्री पी. सुंदरराज, कलेक्टर श्री अमित कुमार, एसपी श्री किरण चव्हाण सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।















