जिला बीजापुर के दक्षिणी क्षेत्र में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच हुई एक बड़ी मुठभेड़ में दो कुख्यात माओवादी कैडरों को मार गिराया गया है। यह मुठभेड़ थाना पामेड़ अंतर्गत कावरगट्टा–गुंडराजगुड़े़म जंगल पहाड़ी क्षेत्र में हुई, जहां लंबे समय से सक्रिय माओवादी गतिविधियों की सूचना मिल रही थी।
मुठभेड़ स्थल से ACM प्रदीप एवं PM भीमा के शव बरामद किए गए हैं, जो पामेड़ एरिया कमेटी के सक्रिय और सशस्त्र माओवादी कैडर थे। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, ये दोनों कई गंभीर और हिंसक घटनाओं में शामिल रहे हैं।
पूर्व सरपंच की हत्या सहित कई वारदातों में थे शामिल
मारे गए माओवादी कैडर ACM प्रदीप और PM भीमा, कावरगट्टा ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच भीमा मड़काम की हत्या सहित कई अन्य संगीन अपराधों में संलिप्त रहे हैं। इनके खिलाफ पुलिस थानों में हत्या, अपहरण, विस्फोट, धमकी और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे कई गंभीर मामले दर्ज थे।
इनकी लंबे समय से तलाश की जा रही थी और यह क्षेत्र में माओवादी नेटवर्क को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे।
हथियार, विस्फोटक और नक्सली सामग्री बरामद
मुठभेड़ स्थल से सुरक्षाबलों ने भारी मात्रा में हथियार और नक्सली सामग्री बरामद की है, जिसमें शामिल हैं:
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01 नग AK-47 रायफल
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01 नग 09 एमएम पिस्टल
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बड़ी मात्रा में गोला-बारूद
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विस्फोटक सामग्री
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अन्य नक्सली दस्तावेज और उपकरण
बरामद हथियारों और सामग्री से यह स्पष्ट होता है कि माओवादी किसी बड़ी साजिश या हिंसक वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे।
सुरक्षाबलों का व्यापक सर्च ऑपरेशन जारी
घटना के बाद DRG (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड), बस्तर फाइटर्स और CRPF की संयुक्त टीमों द्वारा पूरे क्षेत्र में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। जंगलों और पहाड़ी इलाकों में अतिरिक्त माओवादी कैडरों की मौजूदगी की आशंका को देखते हुए ऑपरेशन को और तेज कर दिया गया है।
सुरक्षाबल क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित करने के साथ-साथ संभावित विस्फोटक और अन्य खतरे की जांच कर रहे हैं।
एसपी बीजापुर का बयान
बीजापुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि,
“थाना पामेड़ क्षेत्र के कावरगट्टा–गुंडराजगुड़े़म जंगल पहाड़ी इलाके में पामेड़ एरिया कमेटी के सशस्त्र माओवादी कैडरों की उपस्थिति की विश्वसनीय सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर संयुक्त सुरक्षाबलों की टीम को सर्च ऑपरेशन के लिए रवाना किया गया। इसी दौरान माओवादियों द्वारा फायरिंग शुरू की गई, जिसका सुरक्षाबलों ने मुंहतोड़ जवाब दिया। मुठभेड़ में दो कुख्यात माओवादी मारे गए हैं। क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान जारी है।”
क्षेत्र में दहशत कम करने की दिशा में बड़ी सफलता
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस मुठभेड़ को माओवादी नेटवर्क पर बड़ी चोट के रूप में देखा जा रहा है। इससे क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों को कमजोर करने और आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें और अफवाहों से बचें।













