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विधायक विक्रम मंडावी के नेतृत्व में कांग्रेस के 7 सदस्यीय जांच दल ने बोड़गा पहुंचकर किया मौका-मुआयना

📰 जिला कांग्रेस कमेटी, बीजापुर (छत्तीसगढ़)

इंद्रावती नदी पार ग्राम बोड़गा में प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़े घोटाले का आरोप

124 से अधिक गरीब आदिवासी परिवारों की आवास राशि में भ्रष्टाचार कर हड़पने का आरोप, एक वर्ष से अधिक समय बाद भी नहीं बने मकान

विधायक विक्रम मंडावी के नेतृत्व में कांग्रेस के 7 सदस्यीय जांच दल ने बोड़गा पहुंचकर किया मौका-मुआयना

भैरमगढ़ जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत इतामपार के आश्रित ग्राम बोड़गा में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत मकानों की राशि में बड़े पैमाने पर कथित भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। गांव के निवासियों ने बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी से मुलाकात कर अपनी शिकायत दर्ज कराई।
ग्रामीणों के अनुसार, गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 124 से अधिक मकान स्वीकृत किए गए थे। आरोप है कि इन मकानों के नाम पर हितग्राहियों के खातों से प्रथम किस्त के रूप में 30,000 रुपये तथा द्वितीय किस्त के रूप में 55,000 रुपये निकलवाए गए। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें मात्र 500-500 रुपये देकर यह आश्वासन दिया गया कि उनके मकान बनाकर दिए जाएंगे, लेकिन एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी अधिकांश हितग्राहियों के मकान नहीं बन पाए हैं।
ग्रामीणों की शिकायत के बाद जांच दल गठित
मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक विक्रम मंडावी ग्रामीणों के साथ जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती नम्रता चौबे से मिले और उन्हें पूरे मामले की जानकारी दी।
इसके बाद छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मामले की जांच के लिए विधायक विक्रम मंडावी की अध्यक्षता में 7 सदस्यीय जांच दल गठित किया।
प्रदेश कांग्रेस के निर्देश पर जांच दल 03 सितंबर 2026 को इंद्रावती नदी पार कर ग्राम बोड़गा पहुंचा। दल के सदस्यों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों से मुलाकात की और स्वीकृत मकानों की वास्तविक स्थिति का मौके पर निरीक्षण किया।
हितग्राहियों ने जांच दल के सामने रखी अपनी बात
मौका-मुआयना के दौरान हितग्राहियों ने जांच दल को बताया कि, उनके अनुसार, ग्राम पंचायत के सचिव कोमल निषाद एवं सरपंच बोटीराम उन्हें बैंक और आधार सेवा केंद्र लेकर गए। वहां उनके खातों से पहले 30 हजार रुपये और बाद में 55 हजार रुपये निकाले गए।
ग्रामीणों का आरोप है कि मकान बनाकर देने का आश्वासन देकर उक्त राशि वापस ले ली गई और हितग्राहियों को केवल 500 रुपये देकर गांव भेज दिया गया। ग्रामीणों ने जांच दल को बताया कि राशि निकाले जाने के बाद भी आज तक उनके प्रधानमंत्री आवास योजना के मकान नहीं बनाए गए हैं।
गरीब आदिवासी परिवारों के साथ अन्याय का आरोप
जांच दल के संयोजक एवं बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि हर परिवार का सपना होता है कि उसका अपना पक्का मकान हो। उन्होंने कहा कि ग्राम बोड़गा के हितग्राहियों और ग्रामीणों से मुलाकात तथा मौका-मुआयना के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना में गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं।
विक्रम मंडावी ने आरोप लगाया कि 124 से अधिक गरीब आदिवासी परिवारों के लिए स्वीकृत मकानों की राशि निकालने के बावजूद एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने पर भी मकानों का निर्माण नहीं किया गया। उन्होंने इसे गरीब आदिवासी परिवारों के साथ बड़ा अन्याय बताया।
उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र लंबे समय तक नक्सल प्रभावित रहा है और वर्षों बाद शासकीय योजनाओं एवं प्रशासन की पहुंच इन दूरस्थ गांवों तक मजबूत हुई है। ऐसे में गरीब परिवारों के लिए संचालित आवास योजना में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है।
निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग
विधायक विक्रम मंडावी ने मांग की कि ग्राम बोड़गा के सभी प्रभावित गरीब आदिवासी परिवारों को न्याय दिलाया जाए तथा प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने विशेष रूप से सचिव कोमल निषाद और सरपंच बोटीराम के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की जांच कराने की मांग की।
मौके पर ये लोग रहे मौजूद
इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष लालू राठौर, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुड़ियम, जिला पंचायत सदस्य नीना रावतिया उद्दे, पूर्व जिला पंचायत सदस्य बसंत राव ताटी, जिला पंचायत सदस्य लच्छू राम मौर्य, जनपद सदस्य नीलो लेकाम, पूर्व जनपद सदस्य सहदेव नेगी, विधायक प्रतिनिधि जगदेव यादव, पूर्व नगर पंचायत उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम सल्लूर, गुड्डू कोरसा और बाबूलाल राठी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही मौजूद रहे।