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सार्वजनिक भवनों के व्यावसायिक उपयोग पर CPI ने उठाए सवाल

सामुदायिक भवन और सांस्कृतिक भवन को आम जनता के उपयोग के लिए मुक्त करने की मांग

थियेटर और दुकानों के संचालन की अनुमति का आधार सार्वजनिक करने की मांग — कमलेश झाड़ी

बीजापुर, 14 सितंबर 2026। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) जिला परिषद् बीजापुर ने शहर में स्थित सार्वजनिक संपत्तियों के व्यावसायिक उपयोग को लेकर जिला प्रशासन और नगर पालिका परिषद् के समक्ष गंभीर सवाल उठाए हैं। CPI जिला सचिव कमलेश झाड़ी ने सोमवार को जारी प्रेस बयान में आरोप लगाया कि आम नागरिकों के उपयोग के लिए निर्मित सामुदायिक भवन और सांस्कृतिक भवन का उपयोग लंबे समय से व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है, जबकि इन भवनों का मूल उद्देश्य शहर के नागरिकों को सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए सुविधा उपलब्ध कराना था।

कमलेश झाड़ी ने कहा कि नगरपालिका क्षेत्र में निर्मित सामुदायिक भवनों का निर्माण आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए किया गया है। इन भवनों में शादी-विवाह, सामाजिक कार्यक्रम, बैठक, सांस्कृतिक आयोजन, सामुदायिक कार्यक्रम तथा अन्य सार्वजनिक गतिविधियां आयोजित की जानी चाहिए। लेकिन इसके विपरीत, बीजापुर शहर के एक सामुदायिक भवन में लंबे समय से थियेटर संचालित किए जाने और आसपास व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने की बात सामने आ रही है।

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सामुदायिक भवन में इतने लंबे समय से थियेटर अथवा अन्य व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है, तो इसकी अनुमति किस नियम, आदेश या प्रक्रिया के तहत प्रदान की गई है। CPI ने संबंधित अनुमति, अनुबंध, लीज अथवा आवंटन की पूरी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।

स्कूल के सामने थियेटर संचालन पर भी सवाल

CPI जिला सचिव ने कहा कि जिस स्थान पर थियेटर संचालित होने की बात कही जा रही है, उसके सामने स्वामी आत्मानंद स्कूल भी स्थित है। ऐसे में स्कूल के समीप इस प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि संचालित करने की अनुमति किन परिस्थितियों में दी गई, इसकी भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से भवन के उपयोग, अनुमति की शर्तों और संबंधित विभागों द्वारा किए गए निरीक्षण की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।

सांस्कृतिक भवन में व्यापारिक गतिविधियों का आरोप

कमलेश झाड़ी ने सांस्कृतिक भवन के उपयोग को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि आम जनता के लिए बनाए गए सांस्कृतिक भवन में भी व्यापारिक गतिविधियों के लिए मेले और अन्य व्यावसायिक आयोजन कराए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक भवन का उद्देश्य क्षेत्र की कला, संस्कृति, सामाजिक एवं सामुदायिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है। यदि ऐसे भवनों का नियमित रूप से व्यापारिक उपयोग किया जा रहा है तो नगर के नागरिकों को यह जानने का अधिकार है कि भवन किस नियम के तहत और किन शर्तों पर निजी अथवा व्यावसायिक उपयोग के लिए दिया गया है।

करदाताओं के पैसों से बनी संपत्ति का सही उपयोग हो — CPI

CPI ने कहा कि सार्वजनिक भवनों का निर्माण सरकार और स्थानीय निकायों के माध्यम से जनता के धन से किया जाता है। नागरिक विभिन्न प्रकार के कर और शुल्क के माध्यम से स्थानीय निकाय की आय में योगदान करते हैं। ऐसे में सार्वजनिक संपत्तियों का उपयोग पारदर्शी तरीके से और व्यापक जनहित में किया जाना चाहिए।

कमलेश झाड़ी ने कहा कि शहर में आम लोगों को शादी-विवाह, सामाजिक बैठक, सांस्कृतिक कार्यक्रम और अन्य आयोजनों के लिए उचित स्थान की आवश्यकता होती है। यदि सार्वजनिक भवन व्यावसायिक गतिविधियों के लिए लंबे समय तक आरक्षित रहेंगे, तो इसका सीधा नुकसान आम नागरिकों को होगा।

भाजपा-कांग्रेस पर लगाए राजनीतिक संरक्षण के आरोप

CPI जिला सचिव कमलेश झाड़ी ने आरोप लगाया कि भाजपा और कांग्रेस की सरकारों एवं स्थानीय स्तर के नेताओं द्वारा अपने-अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से सार्वजनिक भवनों के उपयोग की अनुमति दिए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक संपत्ति किसी राजनीतिक दल, नेता या कार्यकर्ता की निजी संपत्ति नहीं है।

हालांकि, इन आरोपों के संबंध में संबंधित भाजपा एवं कांग्रेस नेताओं अथवा नगर पालिका प्रशासन का पक्ष सामने आना शेष है। CPI ने मांग की है कि प्रशासन इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करे।

अनुमति और आवंटन की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने जिला प्रशासन और नगर पालिका परिषद् से मांग की है कि—

  • सामुदायिक भवन में थियेटर संचालन की अनुमति का आधार सार्वजनिक किया जाए।
  • भवन किस व्यक्ति, संस्था या एजेंसी को किस अवधि के लिए दिया गया, इसकी जानकारी सार्वजनिक की जाए।
  • किराया, लीज राशि अथवा अन्य शुल्क की जानकारी सामने लाई जाए।
  • सांस्कृतिक भवन में व्यापारिक गतिविधियों की अनुमति किस आधार पर दी गई, यह स्पष्ट किया जाए।
  • सार्वजनिक भवनों के उपयोग से संबंधित सभी नियम एवं शर्तों की जानकारी नागरिकों को दी जाए।
  • भवनों के व्यावसायिक उपयोग की वैधता की जांच कराई जाए।
  • यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित गतिविधियों को तत्काल बंद कराया जाए।

आम जनता के उपयोग के लिए भवन वापस खोलने की मांग

CPI ने जिला प्रशासन और नगर पालिका परिषद् से मांग की है कि सामुदायिक भवन और सांस्कृतिक भवन को व्यावसायिक गतिविधियों से मुक्त कराकर पुनः आम जनता के उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाए। पार्टी ने कहा कि सार्वजनिक संपत्तियों का इस्तेमाल निजी लाभ के बजाय जनहित में होना चाहिए।

  • कमलेश झाड़ी ने कहा कि यदि प्रशासन द्वारा इस मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं की जाती है तो भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी जनहित के मुद्दे को लेकर चरणबद्ध आंदोलन करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक भवनों को आम जनता के उपयोग के लिए वापस उपलब्ध कराने तक CPI अपना संघर्ष जारी रखेगी।

CPI ने जिला प्रशासन से पूरे मामले में पारदर्शिता बरतते हुए संबंधित दस्तावेज, अनुमति और आवंटन प्रक्रिया सार्वजनिक करने तथा सार्वजनिक संपत्तियों के उपयोग की समीक्षा करने की मांग की है।