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कोंटा में गणतंत्र दिवस पर “एक शाम शहीदों के नाम” सांस्कृतिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन

स्थान – सुकमा (छत्तीसगढ़)
संवाददाता – उइका नरेश

गणतंत्र दिवस पर कोंटा में शहीदों को समर्पित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम

सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड में गणतंत्र दिवस के अवसर पर पत्रकार संघ कोंटा के तत्वावधान में “एक शाम शहीदों के नाम” शीर्षक से एक भव्य एवं भावनात्मक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम देश की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों को समर्पित रहा, जिसमें देशभक्ति, सम्मान और सामाजिक एकता का अनूठा संगम देखने को मिला।

कार्यक्रम में कोंटा क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और देशभक्ति गीतों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियां दीं। मंच पर प्रस्तुत हर नृत्य में देशप्रेम की भावना और शहीदों के प्रति सम्मान स्पष्ट झलकता रहा।

इस सांस्कृतिक प्रतियोगिता के अंतर्गत तीन पुरस्कार रखे गए थे — प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार। उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर कस्तूरबा गांधी विद्यालय कोंटा की छात्रा ने प्रथम पुरस्कार, पोटाकेबीन स्कूल कोंटा ने द्वितीय पुरस्कार, जबकि नवीन कॉलेज कोंटा ने तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया। विजेताओं को मंच से पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान शहीद जवानों के परिजनों एवं अतिथियों को पुष्पगुच्छ और शाल भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे माहौल भावुक और गौरवपूर्ण बन गया। यह सम्मान शहीदों के बलिदान को नमन करने और उनके परिवारों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का प्रतीक रहा।

इस अवसर पर एसडीएम श्री सुभाष शुक्ला, कोंटा तहसीलदार श्री गिरीश निलंबकर, जनपद पंचायत सीईओ श्री सुमित ध्रुव, कोंटा थाना प्रभारी टीआई शालिम काका, कोंटा एसडीओपी, नगर पंचायत सीएमओ श्री जम्मन लाल साहू, दोरनापाल एसडीओपी, कोंटा बीईओ श्री श्रीनिवास राव, कोंटा बीआरसी श्री जी. बद्रा, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को देखने के लिए बड़ी संख्या में आम नागरिक, युवा और विद्यार्थी मौजूद रहे। सभी ने देशभक्ति की प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद लिया और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

यह आयोजन न केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम रहा, बल्कि शहीदों के प्रति सम्मान, देशप्रेम और युवा पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति की भावना जागृत करने की एक प्रेरणादायक पहल के रूप में यादगार बन गया।

अगर चाहें तो मैं इसे और लंबा, ज्यादा भावनात्मक, या अखबार की हेडलाइन-स्टाइल में और दमदार बना सकता हूँ।