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पखांजूर डेम ओवर ब्रिज पर भारी जलभराव, SDM को भी करना पड़ा पैदल सफर, आवागमन पूरी तरह ठप

कांकेर जिले के पखांजूर नगर पंचायत क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। लगातार वर्षा से डेम ओवर ब्रिज पर 3 से 4 फीट तक पानी बहने लगा, जिससे इस मार्ग पर वाहनों और पैदल यात्रियों का आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया।

 

डेम ओवर ब्रिज पर तेज बहाव और गंदे पानी के कारण हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। कई वाहन चालक अपनी जान जोखिम में डालकर पुल पार करने की कोशिश करते दिखाई दिए। कुछ कारें, एसयूवी, बाइक और एक ट्रक भी तेज बहाव के बीच धीरे-धीरे पुल पार करते नजर आए। वहीं कई लोग मजबूरी में पैदल ही पानी पार करते देखे गए, जिससे किसी भी समय बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है।

 

स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हालात का निरीक्षण करने पहुंचे अनुविभागीय अधिकारी (SDM) को भी अपनी सरकारी गाड़ी पुल से पहले ही रोकनी पड़ी। तेज बहाव के कारण वाहन आगे नहीं बढ़ सका, जिसके बाद SDM अधिकारियों के साथ पैदल ही पानी पार कर मौके का निरीक्षण करने पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों ने क्षेत्र की स्थिति का जायजा लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

 

स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष बरसात के मौसम में यही स्थिति उत्पन्न होती है। डेम ओवर ब्रिज पानी में डूब जाता है, जिससे पखांजूर तहसील, SDM कार्यालय, जनपद पंचायत तथा आसपास के कई गांवों का संपर्क प्रभावित हो जाता है। लोगों का आरोप है कि बार-बार समस्या सामने आने के बावजूद अब तक स्थायी समाधान या वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था नहीं की गई है। इससे आम नागरिकों, विद्यार्थियों, मरीजों और किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

 

लगातार जलभराव के कारण प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जब तक पानी का स्तर कम नहीं हो जाता, तब तक इस मार्ग का उपयोग न करें। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों को पुल के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने तथा केवल आधिकारिक सूचना का पालन करने की अपील भी की है।

 

स्थानीय नागरिकों ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए ऊंचे पुल अथवा वैकल्पिक मार्ग का शीघ्र निर्माण कराया जाए, ताकि हर वर्ष बरसात के दौरान लोगों को इस तरह की परेशानियों और जान के जोखिम का सामना न करना पड़े।

स्थान : पखांजूर, कांकेर

रिपोर्टर : दीपंकर हालदार