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36th Traffic Awareness Month launched by Traffic Branch of District Police Bijapur

 

बीजापुर

नीरज कुमार गुप्ता
मो,7694949460

जिला पुलिस बीजापुर की यातायात शाखा द्वारा 36वें यातायात जागरूकता माह का भव्य शुभारम्भ

बीजापुर —
जिला पुलिस बीजापुर की यातायात शाखा द्वारा आज 36वें यातायात जागरूकता माह का उद्घाटन कार्यक्रम यातायात शाखा, बीजापुर में गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ भारत माता के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया।
उद्घाटन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में घासीराम नाग (बीजेपी जिलाध्यक्ष), माया झाड़ी (महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष), भुवन चौहान (नगरपालिका उपाध्यक्ष), जागर लक्ष्मैया (पिछड़ा वर्ग मोर्चा जिलाध्यक्ष) विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता एवं मार्गदर्शन अमन झा (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, आईपीएस) द्वारा किया गया। इस अवसर पर विनीत कुमार साहू (यातायात नोडल अधिकारी), सुदीप सरकार (उप पुलिस अधीक्षक, नक्सल ऑप्स), शरद जायसवाल (मुख्यालय डीएसपी),जिला परिवहन अधिकारी किशन लाल माहौर, केशव ठाकुर (यातायात प्रभारी) सहित 15वीं बटालियन सशस्त्र बल के जवान, डीआरजी के जवान, पत्रकारगण, जनप्रतिनिधि, सामान्य नागरिक तथा यातायात शाखा के अधिकारी–कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए घासीराम नाग ने कहा कि यातायात नियमों का पालन केवल कानून का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी है। हेलमेट और सीट बेल्ट जैसे छोटे-छोटे उपाय अनमोल जीवन की रक्षा करते हैं।
आईपीएस अमन झा ने अपने संदेश में कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए पुलिस और नागरिकों की साझेदारी आवश्यक है। जागरूकता ही दुर्घटनाओं में कमी लाने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
वहीं यातायात नोडल अधिकारी विनीत कुमार साहू ने बताया कि यातायात जागरूकता माह के दौरान जिलेभर में रैली, शिविर, विद्यालयीन कार्यक्रम और जन-जागरूकता गतिविधियाँ संचालित की जाएँगी, ताकि सुरक्षित यातायात की संस्कृति विकसित हो सके।
उद्घाटन के पश्चात नगर में हेलमेट पहनकर बाइक रैली का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने सुरक्षित ड्राइविंग, हेलमेट उपयोग, सीट बेल्ट और यातायात नियमों के पालन का संदेश दिया। रैली के माध्यम से आम नागरिकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों में यातायात नियमों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना, दुर्घटनाओं में कमी लाना तथा “सुरक्षित यातायात—सुरक्षित जीवन” का संदेश जन-जन तक पहुँचाना रहा।