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ब्रांडिंग और रेट चार्ट नदारद, सुकमा में 73 सीएससी आईडी पर गिरी गाज

नियमों की अनदेखी पर सख्त कार्रवाई, सुकमा में 73 सीएससी आईडी तत्काल प्रभाव से निरस्त

कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के दिल्ली स्थित मुख्य कार्यालय ने जिले में मानकविहीन एवं नियमों के विरुद्ध संचालित हो रहे केंद्रों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए सुकमा जिले की 73 सीएससी आईडी को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। इस अचानक हुई कार्रवाई से जिले भर के सीएससी संचालकों में हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई है।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, लंबे समय से जिले में संचालित सीएससी केंद्रों की कार्यप्रणाली पर नजर रखी जा रही थी। शिकायतें मिलने के बाद उच्च स्तर से निर्देश प्राप्त होने पर गहन जांच कराई गई, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।

जांच में खुली पोल: न ब्रांडिंग, न रेट चार्ट

सीएससी के जिला प्रबंधक श्री शेख शाहरुख ने जानकारी देते हुए बताया कि जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि कई सीएससी केंद्र शासन द्वारा निर्धारित मानकों का पालन नहीं कर रहे थे।
जांच में पाया गया कि कई केंद्र बिना किसी स्थायी कार्यालय या निर्धारित स्थान के संचालित किए जा रहे थे। वहीं अधिकांश केंद्रों में अनिवार्य कॉमन सर्विस सेंटर ब्रांडिंग, अधिकृत बैनर एवं साइन बोर्ड नहीं लगाए गए थे।

इसके अलावा कई केंद्रों में सरकार द्वारा निर्धारित सेवा शुल्क (रेट चार्ट) प्रदर्शित नहीं था, जिससे आम नागरिकों से मनमाने शुल्क वसूले जाने की आशंका बनी रहती थी। कुछ मामलों में यह भी सामने आया कि सीएससी आईडी के बजाय अन्य माध्यमों से लेनदेन किया जा रहा था, जो नियमों का खुला उल्लंघन है।

अब संचालन के लिए ये नियम होंगे अनिवार्य

जिला प्रशासन एवं सीएससी कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में केवल वही सीएससी केंद्र संचालित किए जाएंगे, जो सभी निर्धारित मानकों का पूर्ण रूप से पालन करेंगे।
नए निर्देशों के अनुसार—

  • प्रत्येक सीएससी केंद्र का एक निश्चित एवं स्थायी स्थान होना अनिवार्य होगा।

  • मानक ब्रांडिंग के तहत केवल बैनर लटकाना या चिपकाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उसे फ्रेम कराकर विधिवत रूप से लगाना अनिवार्य किया गया है।

  • बैनर एवं साइन बोर्ड में राज्य का लोगो, सीएससी का नाम एवं सीएससी आईडी स्पष्ट रूप से अंकित होनी चाहिए।

  • पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र पर सरकार द्वारा निर्धारित रेट चार्ट प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा।

  • सभी वीएलई (VLE) के लिए अब पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है।

बंद आईडी कैसे होंगी दोबारा शुरू

जिन सीएससी संचालकों की आईडी निरस्त की गई है, उन्हें निर्देशित किया गया है कि वे सभी निर्धारित मानकों को पूरा करें और उसके साक्ष्यों के साथ जिला प्रबंधक कार्यालय से संपर्क करें।
सभी मानकों की भौतिक जांच एवं पूर्ण अनुपालन के बाद ही संबंधित आईडी को पुनः सक्रिय करने पर विचार किया जाएगा।

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में नियमों के उल्लंघन पर और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई को आम नागरिकों को बेहतर, पारदर्शी एवं विश्वसनीय सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।