सुकमा। भारत सरकार के अतिरिक्त सचिव एवं राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के मिशन संचालक कमल किशोर सोन ने शनिवार को सुकमा कलेक्ट्रेट के एनआईसी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष से प्रदेशभर के कलेक्टरों के साथ जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक ली। बैठक में बस्तर संभाग सहित सभी जिलों में चल रहे कार्यों की प्रगति, पेयजल व्यवस्था और गर्मी के मौसम में संभावित जल संकट पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में मिशन संचालक छत्तीसगढ़ जितेंद्र शुक्ला और बस्तर संभागायुक्त डोमन सिंह भी मौजूद रहे। केंद्रीय सचिव ने सभी जिलों के कलेक्टरों से योजना के तहत चल रहे कार्यों की वर्तमान स्थिति, प्रगति और सामने आ रही समस्याओं की जानकारी ली तथा उनके समाधान के लिए बनाई गई कार्ययोजना की समीक्षा की।
उन्होंने निर्देश दिए कि जहां पेयजल की समस्या है, वहां चिन्हांकन कर समय-सीमा में समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी परिवार को जल संकट का सामना न करना पड़े। साथ ही, ऐसे क्षेत्रों को मैप कर ट्यूबवेल और सोलर पंप जैसी वैकल्पिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
केंद्रीय सचिव ने यह भी कहा कि प्रत्येक गांव में कम से कम एक व्यक्ति को प्रशिक्षण दिया जाए, जिससे बोर, सोलर पंप और पेयजल व्यवस्था में आने वाली छोटी तकनीकी समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर ही किया जा सके। उन्होंने जल सेवा आंकलन के माध्यम से वंचित परिवारों की पहचान कर उन्हें योजना से जोड़ने के निर्देश दिए।
बैठक में आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा पानी की कमी न होने देने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। साथ ही पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर ग्राम पंचायत विकास योजना के अंतर्गत जल संबंधी कार्यों की प्रभावी योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
स्थान – सुकमा छग
संवाददाता – उइका नरेश





