*चिंताकोंटा, सुकमा:*
ग्राम चिंताकोंटा में सत्र 2026 के लिए तेंदूपत्ता खरीदी कार्य विधिवत रूप से शुरू हो गया है। खरीदी प्रारंभ होते ही ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ नजर आने लगा है।
ग्रामीणों का कहना है कि हर साल तेंदूपत्ता बेचकर ही उनका जीवनयापन चलता है। इससे मिलने वाली आमदनी से वे अपने परिवार का खर्च उठाते हैं और खेती-किसानी में भी निवेश करते हैं। तेंदूपत्ता उनके लिए केवल एक पत्ता नहीं, बल्कि आजीविका का मुख्य साधन है।
तेंदूपत्ता को छत्तीसगढ़ में “हरा सोना” भी कहा जाता है, क्योंकि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाता है। खरीदी शुरू होते ही गांव में रौनक बढ़ गई है और लोगों में एक नई उम्मीद जाग उठी है।




