सुकमा। जिले के दूरस्थ ग्राम पुसगुड़ा में ‘सुशासन तिहार’ के तहत प्रशासन की संवेदनशील और सक्रिय कार्यशैली की अनूठी झलक देखने को मिली। कलेक्टर श्री अमित कुमार ने महुआ पेड़ की छांव में ग्रामीणों के बीच बैठकर जनचौपाल लगाई, जहां उन्होंने सीधे लोगों की समस्याएं सुनीं और मौके पर ही समाधान की दिशा में कार्रवाई की।
करीब 106 की आबादी वाले इस छोटे से गांव में कलेक्टर का जमीन पर बैठकर संवाद करना ग्रामीणों के लिए खास अनुभव रहा। ‘नियद नेल्लानार 2.0’, ‘बस्तर मुन्ने’ और ‘सुशासन तिहार’ के तहत आयोजित इस चौपाल में ग्रामीणों ने खुलकर अपनी समस्याएं रखीं, जिन पर तत्काल कार्रवाई कर प्रशासन ने अपनी तत्परता दिखाई।
गांव के विकास के लिए बड़े फैसले
चौपाल के दौरान गांव को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पक्की सड़क निर्माण हेतु पंचायत से तत्काल प्रस्ताव मंगाने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए ‘तूफान’ सवारी वाहन उपलब्ध कराने की घोषणा की गई। गर्भवती महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए स्वास्थ्य विभाग को पहले से चिन्हांकन कर समय पर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
तत्काल समाधान से बढ़ा भरोसा
चौपाल के दौरान खराब हैंडपंप की शिकायत सामने आते ही उसे तुरंत ठीक कराया गया, जिससे ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ। साथ ही गांव में सामुदायिक निर्माण कार्यों के लिए 20 लाख रुपये की स्वीकृति भी दी गई, जिससे बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा।
शासकीय योजनाओं से बदल रही तस्वीर
ग्रामीणों ने बताया कि अब गांव में बिजली पहुंच चुकी है और जल जीवन मिशन के तहत घर-घर नल से पानी मिल रहा है। श्रम कार्ड बनने से भी उन्हें विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल रहा है, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार आया है।
कलेक्टर का संदेश
कलेक्टर श्री अमित कुमार ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल कार्यालयों तक सीमित नहीं, बल्कि अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर उसकी समस्याओं का समाधान करना है। उन्होंने बताया कि इन अभियानों के माध्यम से हर गांव तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है।
इस दौरान एसडीएम श्री सुभाष शुक्ला, जनपद सीईओ श्री सुमित ध्रुव, एडिशनल एसपी श्री मनोज तिर्की सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
गांव के लोगों ने कलेक्टर को अपने बीच पाकर खुशी जताई और इस पहल को सुशासन की सच्ची तस्वीर बताया।
स्थान – सुकमा छग
संवाददाता – उइका नरेश






