कोंटा। सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गांगलेर के आश्रित ग्राम सोमलगुड़ा में ग्रामीण लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार सड़क, पुलिया और बिजली जैसी सुविधाओं को लेकर कई बार प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
ग्राम पंचायत गांगलेर के सरपंच उइका शंकर ने बताया कि सोमलगुड़ा में मूलभूत सुविधाओं को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और जिला प्रशासन को कई बार ज्ञापन सौंपा गया है। उनका कहना है कि अब तक गांव में प्रशासनिक अधिकारियों का निरीक्षण भी नहीं हुआ है।
ग्रामीणों के अनुसार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्माणाधीन सड़क का काम करीब पांच वर्षों से अधूरा पड़ा है। सड़क निर्माण कार्य दोबारा शुरू कराने की मांग को लेकर सरपंच द्वारा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया है, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
*पुलिया के अभाव में बारिश में बढ़ती परेशानी*
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र के कई नालों में पुलिया नहीं होने के कारण बारिश के दिनों में आवागमन प्रभावित हो जाता है। इसका असर स्कूलों पर भी पड़ता है। ग्रामीणों के मुताबिक गांगलेर और सोमलगुड़ा क्षेत्र के स्कूलों तक बारिश के दौरान शिक्षक पहुंचने में परेशानी का सामना करते हैं।
सरपंच उइका शंकर ने बताया कि गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों को कोंटा तहसील मुख्यालय तथा अस्पताल तक पहुंचाने में भी काफी दिक्कत होती है। ग्रामीणों ने नालों में पुलिया निर्माण की स्वीकृति जल्द देने की मांग की है।
*कोंटा से करीब 70 और जिला मुख्यालय से 150 किलोमीटर दूर*
ग्रामीणों के अनुसार सोमलगुड़ा, कोंटा तहसील मुख्यालय से लगभग 70 किलोमीटर और सुकमा जिला मुख्यालय से करीब 150 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। ऐसे में सड़क और पुलिया जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बना हुआ है।
ग्राम पंचायत गांगलेर के सरपंच उइका शंकर और ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पांच वर्षों से बंद पड़े प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के निर्माण कार्य को जल्द शुरू कराया जाए। साथ ही विसमडुगु नाला सहित अन्य नालों में पुलिया निर्माण को स्वीकृति देकर कार्य कराया जाए और गांव में बिजली की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।






