कोंटा, सुकमा।
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, कोंटा शाखा में इन दिनों असामान्य भीड़ देखने को मिल रही है। बैंक द्वारा प्रत्येक खाता धारक को 20,000 रुपये की राशि वितरण की प्रक्रिया शुरू किए जाने के बाद से सैकड़ों की संख्या में लोग प्रतिदिन बैंक पहुंच रहे हैं। सुबह से ही बैंक परिसर के बाहर लंबी-लंबी कतारें लग जाती हैं, जो दिनभर बनी रहती हैं।
स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि बैंक परिसर में पैर रखने तक की जगह नहीं बचती। ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोग सुबह-सुबह ही लाइन में लग जाते हैं, फिर भी कई लोगों का नंबर देर शाम तक नहीं आ पाता। इस अव्यवस्था का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगजनों पर पड़ रहा है, जिन्हें घंटों खड़े रहने को मजबूर होना पड़ रहा है।
बैंक परिसर में बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण लोग जमीन पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। गर्मी और भीड़ के चलते लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी हो रही हैं। कई बुजुर्गों ने बताया कि उन्हें चक्कर आने और कमजोरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा।
ग्राहकों का कहना है कि बैंक प्रबंधन द्वारा भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। टोकन सिस्टम, अतिरिक्त काउंटर या छाया-पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी साफ नजर आ रही है। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि कर्मचारियों की संख्या कम होने के कारण काम की गति धीमी है, जिससे परेशानी और बढ़ रही है।
स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि बैंक में अतिरिक्त स्टाफ की व्यवस्था की जाए और भीड़ प्रबंधन के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। साथ ही, टोकन सिस्टम लागू करने, अस्थायी शेड और पीने के पानी की व्यवस्था करने की भी मांग की गई है।
इस पूरे मामले को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। यदि जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो स्थिति और बिगड़ सकती है। प्रशासन के लिए यह जरूरी हो गया है कि वह तुरंत हस्तक्षेप कर आम जनता को राहत पहुंचाने के लिए आवश्यक कदम उठाए।








