कोंटा, सुकमा। जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री अमित कुमार ने जनपद पंचायत कोंटा में मैराथन समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकुन्द ठाकुर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न फ्लैगशिप योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी योजनाओं का समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन मिशन मोड में सुनिश्चित किया जाए।
समीक्षा के दौरान मनरेगा, धरसा विकास योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), स्वच्छ भारत मिशन, नियद नेल्लानार, बिहान तथा लखपति दीदी जैसी योजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि कोंटा में मनरेगा के 17,768 सक्रिय श्रमिकों में से 14,424 श्रमिकों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है तथा 1 जुलाई 2026 से अब तक 84,689 मानव दिवस का सृजन किया गया है। वहीं 26 ग्राम पंचायतों में 41 बड़े धरसा कार्यों की स्वीकृति प्रक्रिया जारी है, जिनकी अनुमानित लागत 6.23 करोड़ रुपये है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत सुकमा जिले के प्रदर्शन की सराहना करते हुए बताया गया कि जिला राज्य में चौथे तथा बस्तर संभाग में दूसरे स्थान पर है। कलेक्टर ने इस उपलब्धि को बनाए रखते हुए शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए।
‘नियद नेल्लानार’ योजना के अंतर्गत दूरस्थ क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया। योजना के तहत 6,175 व्यक्तिगत शौचालय स्वीकृत किए गए हैं, जबकि पुवर्ती, पोटकपल्ली, मंडीमरका और सिलगेर में 12 सामुदायिक शौचालयों की स्वीकृति दी गई है।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में बिहान और लखपति दीदी योजना की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि कोंटा विकासखंड के 74 प्रतिशत परिवारों को 1,474 स्व-सहायता समूहों से जोड़ा जा चुका है। वहीं लखपति दीदी योजना में 1,229 के लक्ष्य के विरुद्ध 1,211 संभावित हितग्राहियों की प्रविष्टि पोर्टल पर दर्ज की जा चुकी है। ग्राम पंचायत चिंतलनार में स्थापित की जा रही ‘दंडकारण्य फूड्स’ इमली प्रसंस्करण इकाई से लगभग 1,000 महिलाओं को जोड़कर उनकी आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है।
बैठक के अंत में कलेक्टर अमित कुमार ने निर्माण एजेंसियों, ग्राम पंचायत सचिवों और रोजगार सहायकों को वर्षा ऋतु के बावजूद अधोसंरचना विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम छोर तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय, गुणवत्ता, पारदर्शिता और सतत निगरानी के साथ कार्य करें, ताकि कोंटा सहित जिले के दूरस्थ क्षेत्रों का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सके।





